वाच्य वाच्य

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए वाच्य की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए वाच्य की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

वाच्य: माइंड मैपवाच्य: माइंड मैप

graph TD A[वाच्य] --> B[कर्तृवाच्य]; A --> C[कर्मवाच्य]; A --> D[भाववाच्य]; B --> B1[कर्ता प्रधान]; C --> C1[कर्म प्रधान]; D --> D1[क्रिया प्रधान]
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वाच्य तुलनात्मक तालिकावाच्य तुलनात्मक तालिका

वाच्य प्रकारप्रधानताक्रिया का रूप
कर्तृवाच्यकर्तासकर्मक/अकर्मक
कर्मवाच्यकर्मसकर्मक
भाववाच्यक्रियाअकर्मक

वाच्य की परिभाषावाच्य की परिभाषा

क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि वाक्य में क्रिया का मुख्य संबंध कर्ता, कर्म या भाव से है, उसे वाच्य कहते हैं।क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि वाक्य में क्रिया का मुख्य संबंध कर्ता, कर्म या भाव से है, उसे वाच्य कहते हैं।

1. कर्तृवाच्य1. कर्तृवाच्य

जहाँ क्रिया का लिंग, वचन और पुरुष कर्ता के अनुसार हो।जहाँ क्रिया का लिंग, वचन और पुरुष कर्ता के अनुसार हो।

उदाहरण: राम पुस्तक पढ़ता है। पक्षी उड़ते हैं।उदाहरण: राम पुस्तक पढ़ता है। पक्षी उड़ते हैं।

2. कर्मवाच्य2. कर्मवाच्य

जहाँ क्रिया का मुख्य संबंध कर्म से हो। इसमें 'द्वारा' या 'से' का प्रयोग होता है।जहाँ क्रिया का मुख्य संबंध कर्म से हो। इसमें 'द्वारा' या 'से' का प्रयोग होता है।

उदाहरण: पत्र लिखा गया। राम द्वारा आम खाया गया।उदाहरण: पत्र लिखा गया। राम द्वारा आम खाया गया।

3. भाववाच्य3. भाववाच्य

जहाँ न कर्ता और न ही कर्म प्रधान हो, अपितु क्रिया का भाव प्रधान हो। यह हमेशा अकर्मक होती है।जहाँ न कर्ता और न ही कर्म प्रधान हो, अपितु क्रिया का भाव प्रधान हो। यह हमेशा अकर्मक होती है।

उदाहरण: मुझसे चला नहीं जाता। अब सोया जाए।उदाहरण: मुझसे चला नहीं जाता। अब सोया जाए।

महत्वपूर्ण उदाहरण (सर्च लिस्ट)महत्वपूर्ण उदाहरण (सर्च लिस्ट)

1. मोहन खेलता है (कर्तृ)। 2. पुस्तक पढ़ी गई (कर्म)। 3. मुझसे हंसा नहीं जाता (भाव)। 4. सीता गीत गाती है (कर्तृ)। 5. लेख लिखा गया (कर्म)। 6. चलो अब बैठा जाए (भाव)... [इत्यादि 60+ उदाहरण अभ्यास हेतु]1. मोहन खेलता है (कर्तृ)। 2. पुस्तक पढ़ी गई (कर्म)। 3. मुझसे हंसा नहीं जाता (भाव)। 4. सीता गीत गाती है (कर्तृ)। 5. लेख लिखा गया (कर्म)। 6. चलो अब बैठा जाए (भाव)... [इत्यादि 60+ उदाहरण अभ्यास हेतु]

वाच्य परिवर्तन के नियमवाच्य परिवर्तन के नियम

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाते समय कर्ता के साथ 'से' या 'द्वारा' जोड़ें और क्रिया को भूतकाल में बदलें।कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाते समय कर्ता के साथ 'से' या 'द्वारा' जोड़ें और क्रिया को भूतकाल में बदलें।

परीक्षा उपयोगी टिप्स और ट्रिक्सपरीक्षा उपयोगी टिप्स और ट्रिक्स

1. यदि वाक्य में 'से' लगा हो और क्रिया अकर्मक हो, तो वह भाववाच्य होगा। 2. यदि वाक्य में 'द्वारा' लगा हो और क्रिया सकर्मक हो, तो वह कर्मवाच्य होगा। 3. यदि कर्ता के साथ कोई विभक्ति न हो, तो वह कर्तृवाच्य होगा।1. यदि वाक्य में 'से' लगा हो और क्रिया अकर्मक हो, तो वह भाववाच्य होगा। 2. यदि वाक्य में 'द्वारा' लगा हो और क्रिया सकर्मक हो, तो वह कर्मवाच्य होगा। 3. यदि कर्ता के साथ कोई विभक्ति न हो, तो वह कर्तृवाच्य होगा।