संधि संधि

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए संधि की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए संधि की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

संधि: एक दृष्टि (Mindmap)संधि: एक दृष्टि (Mindmap)

mindmap root((संधि)) स्वर संधि दीर्घ गुण वृद्धि यण अयादि व्यंजन संधि नियम 1-6 विसर्ग संधि ओत्व रत्व लोप
mindmap root((संधि)) स्वर संधि दीर्घ गुण वृद्धि यण अयादि व्यंजन संधि नियम 1-6 विसर्ग संधि ओत्व रत्व लोप

संधि के प्रकार: तुलनात्मक तालिकासंधि के प्रकार: तुलनात्मक तालिका

संधि का प्रकारपरिभाषाउदाहरण
स्वरदो स्वरों का मेलविद्या + आलय = विद्यालय
व्यंजनव्यंजन का स्वर/व्यंजन से मेलसत् + जन = सज्जन
विसर्गविसर्ग के साथ स्वर/व्यंजन का मेलमनः + रथ = मनोरथ

संधि की परिभाषासंधि की परिभाषा

दो वर्णों के मेल से उत्पन्न विकार को संधि कहते हैं।दो वर्णों के मेल से उत्पन्न विकार को संधि कहते हैं।

स्वर संधि: दीर्घ संधिस्वर संधि: दीर्घ संधि

अ/आ + अ/आ = आ; इ/ई + इ/ई = ई; उ/ऊ + उ/ऊ = ऊअ/आ + अ/आ = आ; इ/ई + इ/ई = ई; उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ

उदाहरण: धर्म + अर्थ = धर्मार्थ, कवि + इंद्र = कवींद्र, भानु + उदय = भानूदय, वधू + उत्सव = वधूत्सव।उदाहरण: धर्म + अर्थ = धर्मार्थ, कवि + इंद्र = कवींद्र, भानु + उदय = भानूदय, वधू + उत्सव = वधूत्सव।

स्वर संधि: गुण संधिस्वर संधि: गुण संधि

अ/आ + इ/ई = ए; अ/आ + उ/ऊ = ओ; अ/आ + ऋ = अर्अ/आ + इ/ई = ए; अ/आ + उ/ऊ = ओ; अ/आ + ऋ = अर्

उदाहरण: नर + इंद्र = नरेंद्र, महा + इंद्र = महेंद्र, महा + उत्सव = महोत्सव, देव + ऋषि = देवर्षि।उदाहरण: नर + इंद्र = नरेंद्र, महा + इंद्र = महेंद्र, महा + उत्सव = महोत्सव, देव + ऋषि = देवर्षि।

स्वर संधि: वृद्धि संधिस्वर संधि: वृद्धि संधि

अ/आ + ए/ऐ = ऐ; अ/आ + ओ/औ = औअ/आ + ए/ऐ = ऐ; अ/आ + ओ/औ = औ

उदाहरण: सदा + एव = सदैव, मत + एक्य = मतैक्य, महा + औषध = महौषध, जल + ओघ = जलौघ।उदाहरण: सदा + एव = सदैव, मत + एक्य = मतैक्य, महा + औषध = महौषध, जल + ओघ = जलौघ।

स्वर संधि: यण संधिस्वर संधि: यण संधि

इ/ई + अन्य स्वर = य; उ/ऊ + अन्य स्वर = व; ऋ + अन्य स्वर = रइ/ई + अन्य स्वर = य; उ/ऊ + अन्य स्वर = व; ऋ + अन्य स्वर = र

उदाहरण: यदि + अपि = यद्यपि, सु + आगत = स्वागत, पितृ + आज्ञा = पित्रज्ञा।उदाहरण: यदि + अपि = यद्यपि, सु + आगत = स्वागत, पितृ + आज्ञा = पित्रज्ञा।

स्वर संधि: अयादि संधिस्वर संधि: अयादि संधि

ए + अ = अय; ऐ + अ = आय; ओ + अ = अव; औ + अ = आवए + अ = अय; ऐ + अ = आय; ओ + अ = अव; औ + अ = आव

उदाहरण: ने + अन = नयन, गै + अक = गायक, पो + अन = पवन, पौ + अक = पावक।उदाहरण: ने + अन = नयन, गै + अक = गायक, पो + अन = पवन, पौ + अक = पावक।

व्यंजन संधि के प्रमुख नियमव्यंजन संधि के प्रमुख नियम

1. क, च, ट, त, प का तीसरे वर्ण में परिवर्तन: दिक् + गज = दिग्गज।
2. त संबंधी नियम: उत् + लास = उल्लास, उत् + चारण = उच्चारण।
1. क, च, ट, त, प का तीसरे वर्ण में परिवर्तन: दिक् + गज = दिग्गज।
2. त संबंधी नियम: उत् + लास = उल्लास, उत् + चारण = उच्चारण।

विसर्ग संधि के नियमविसर्ग संधि के नियम

1. विसर्ग का 'ओ' होना: मनः + अनुकूल = मनोनुकूल।
2. विसर्ग का 'र' होना: निः + धन = निर्धन।
3. विसर्ग का 'स' होना: नमः + ते = नमस्ते।
1. विसर्ग का 'ओ' होना: मनः + अनुकूल = मनोनुकूल।
2. विसर्ग का 'र' होना: निः + धन = निर्धन。3. विसर्ग का 'स' होना: नमः + ते = नमस्ते।

अभ्यास हेतु अन्य महत्वपूर्ण उदाहरणअभ्यास हेतु अन्य महत्वपूर्ण उदाहरण

गिरीश, रवींद्र, पुस्तकालय, महर्षि, गंगोर्मि, तथेव, प्रत्येक, अन्वेषण, अत्याचार, नायक, पावन, उद्योग, सज्जन, तल्लीन, बहिष्कार, निराहार।गिरीश, रवींद्र, पुस्तकालय, महर्षि, गंगोर्मि, तथेव, प्रत्येक, अन्वेषण, अत्याचार, नायक, पावन, उद्योग, सज्जन, तल्लीन, बहिष्कार, निराहार।

परीक्षा के लिए टिप्स और ट्रिक्सपरीक्षा के लिए टिप्स और ट्रिक्स

1. दीर्घ संधि: शब्द के बीच में आ, ई, ऊ की मात्रा हो।
2. गुण संधि: शब्द के बीच में ए, ओ की मात्रा हो।
3. वृद्धि संधि: शब्द के बीच में ऐ, औ की मात्रा हो।
4. यण संधि: य, व, र से पहले आधा अक्षर हो।
5. अयादि संधि: शब्द में तीन वर्ण हों और बीच में 'य' या 'व' का उच्चारण हो।
1. दीर्घ संधि: शब्द के बीच में आ, ई, ऊ की मात्रा हो।
2. गुण संधि: शब्द के बीच में ए, ओ की मात्रा हो।
3. वृद्धि संधि: शब्द के बीच में ऐ, औ की मात्रा हो।
4. यण संधि: य, व, र से पहले आधा अक्षर हो।
5. अयादि संधि: शब्द में तीन वर्ण हों और बीच में 'य' या 'व' का उच्चारण हो।