वृत्ति वृत्ति

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए वृत्ति की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए वृत्ति की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

वृत्ति (Mood): माइंडमैपवृत्ति (Mood): माइंडमैप

graph TD A[वृत्ति - Mood] --> B(निश्चयर्थ - Indicative) A --> C(संकेतार्थ - Conditional) A --> D(आज्ञार्थ - Imperative) A --> E(संशयार्थ - Dubitative) A --> F(इच्छार्थ - Optative) A --> G(सामर्थ्यार्थ - Potential)
graph TD A[वृत्ति - Mood] --> B(निश्चयर्थ - Indicative) A --> C(संकेतार्थ - Conditional) A --> D(आज्ञार्थ - Imperative) A --> E(संशयार्थ - Dubitative) A --> F(इच्छार्थ - Optative) A --> G(सामर्थ्यार्थ - Potential)

वृत्ति के प्रकार - त्वरित तुलनावृत्ति के प्रकार - त्वरित तुलना

वृत्ति का नाममुख्य पहचानउदाहरण
निश्चयर्थवास्तविक घटनाराम पढ़ता है।
संकेतार्थशर्त/कारणयदि पढ़ते, तो पास होते।
आज्ञार्थआदेश/प्रार्थनातुम घर जाओ।
संशयार्थसंदेह/संभावनाशायद वह आएगा।
इच्छार्थइच्छा/आशीर्वादईश्वर तुम्हारा भला करे।

वृत्ति की परिभाषावृत्ति की परिभाषा

क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि वक्ता का तात्पर्य क्या है या वह कार्य किस प्रकार से किया जा रहा है, उसे 'वृत्ति' (Mood) कहते हैं।क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि वक्ता का तात्पर्य क्या है या वह कार्य किस प्रकार से किया जा रहा है, उसे 'वृत्ति' (Mood) कहते हैं।

वृत्ति = क्रिया का अर्थबोधक रूपवृत्ति = क्रिया का अर्थबोधक रूप

1. निश्चयर्थ वृत्ति (Indicative Mood)1. निश्चयर्थ वृत्ति (Indicative Mood)

जहाँ क्रिया के व्यापार में वास्तविकता या निश्चितता का बोध हो। उदाहरण: मोहन खाना खाता है, सूर्य पूर्व में उगता है, आज वर्षा होगी।जहाँ क्रिया के व्यापार में वास्तविकता या निश्चितता का बोध हो। उदाहरण: मोहन खाना खाता है, सूर्य पूर्व में उगता है, आज वर्षा होगी।

2. संकेतार्थ वृत्ति (Conditional Mood)2. संकेतार्थ वृत्ति (Conditional Mood)

जहाँ क्रिया किसी शर्त या कारण पर आधारित हो। उदाहरण: यदि तुम आओगे, तो मैं चलूँगा। यदि वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती।जहाँ क्रिया किसी शर्त या कारण पर आधारित हो। उदाहरण: यदि तुम आओगे, तो मैं चलूँगा। यदि वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती।

3. आज्ञार्थ वृत्ति (Imperative Mood)3. आज्ञार्थ वृत्ति (Imperative Mood)

जहाँ आज्ञा, प्रार्थना, उपदेश या अनुमति का भाव हो। उदाहरण: कृपया बैठ जाइए। अपना काम करो। यहाँ से चले जाओ।जहाँ आज्ञा, प्रार्थना, उपदेश या अनुमति का भाव हो। उदाहरण: कृपया बैठ जाइए। अपना काम करो। यहाँ से चले जाओ।

4. संशयार्थ वृत्ति (Dubitative Mood)4. संशयार्थ वृत्ति (Dubitative Mood)

जहाँ कार्य के होने में संदेह या अनिश्चितता हो। उदाहरण: शायद आज वह आए। हो सकता है वह सो गया हो।जहाँ कार्य के होने में संदेह या अनिश्चितता हो। उदाहरण: शायद आज वह आए। हो सकता है वह सो गया हो।

5. इच्छार्थ वृत्ति (Optative Mood)5. इच्छार्थ वृत्ति (Optative Mood)

जहाँ वक्ता की इच्छा, आशीर्वाद या कामना व्यक्त हो। उदाहरण: आपकी यात्रा मंगलमय हो। भगवान तुम्हें लंबी आयु दे।जहाँ वक्ता की इच्छा, आशीर्वाद या कामना व्यक्त हो। उदाहरण: आपकी यात्रा मंगलमय हो। भगवान तुम्हें लंबी आयु दे।

6. सामर्थ्यार्थ वृत्ति (Potential Mood)6. सामर्थ्यार्थ वृत्ति (Potential Mood)

जहाँ क्रिया के करने की योग्यता या सामर्थ्य का बोध हो। उदाहरण: मैं यह कार्य कर सकता हूँ। वह नदी पार कर सकता है।जहाँ क्रिया के करने की योग्यता या सामर्थ्य का बोध हो। उदाहरण: मैं यह कार्य कर सकता हूँ। वह नदी पार कर सकता है।

परीक्षा उपयोगी टिप्स एवं ट्रिक्सपरीक्षा उपयोगी टिप्स एवं ट्रिक्स

1. 'यदि-तो' दिखे तो आँख बंद करके 'संकेतार्थ' लगाएँ। 2. 'कृपया' या आज्ञावाचक शब्दों में 'आज्ञार्थ' होता है। 3. 'शायद' या 'संभवतः' हो तो 'संशयार्थ' चुनें। 4. आशीर्वाद/शुभकामनाओं में हमेशा 'इच्छार्थ' वृत्ति होती है। 5. 'सकता/सकना' शब्द सामर्थ्य को दर्शाता है।1. 'यदि-तो' दिखे तो आँख बंद करके 'संकेतार्थ' लगाएँ। 2. 'कृपया' या आज्ञावाचक शब्दों में 'आज्ञार्थ' होता है। 3. 'शायद' या 'संभवतः' हो तो 'संशयार्थ' चुनें। 4. आशीर्वाद/शुभकामनाओं में हमेशा 'इच्छार्थ' वृत्ति होती है। 5. 'सकता/सकना' शब्द सामर्थ्य को दर्शाता है।