लेखन लेखन

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए लेखन की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए लेखन की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

लेखन (लेखन कला और कौशल) का माइंडमैपलेखन (लेखन कला और कौशल) का माइंडमैप

mindmap root((लेखन कला)) प्रक्रिया विचार-मंथन रूपरेखा निर्माण प्रारूपण संपादन तत्व भाषा शुद्धता स्पष्टता क्रमबद्धता प्रभावशीलता प्रकार वर्णनात्मक विवरणात्मक भावात्मक विचारात्मक
mindmap root((लेखन कला)) प्रक्रिया विचार-मंथन रूपरेखा निर्माण प्रारूपण संपादन तत्व भाषा शुद्धता स्पष्टता क्रमबद्धता प्रभावशीलता प्रकार वर्णनात्मक विवरणात्मक भावात्मक विचारात्मक

लेखन के प्रकार: तुलनात्मक तालिकालेखन के प्रकार: तुलनात्मक तालिका

प्रकारमुख्य विशेषताउदाहरण
वर्णनात्मकवस्तु या स्थान का वर्णनयात्रा वृत्तांत
विवरणात्मकघटनाक्रम का विवरणरिपोर्ट/प्रतिवेदन
भावात्मकभावों की प्रधानतासंस्मरण/रेखाचित्र
विचारात्मकतर्क और चिंतननिबंध/लेख

लेखन की परिभाषा और महत्वलेखन की परिभाषा और महत्व

लेखन भाषा का वह लिखित रूप है जिसमें विचारों को लिपिबद्ध किया जाता है। यह संप्रेषण का स्थायी माध्यम है।लेखन भाषा का वह लिखित रूप है जिसमें विचारों को लिपिबद्ध किया जाता है। यह संप्रेषण का स्थायी माध्यम है।

लेखन = विचार + लिपि + व्याकरणिक शुद्धतालेखन = विचार + लिपि + व्याकरणिक शुद्धता

लेखन के चरण (Process of Writing)लेखन के चरण (Process of Writing)

1. पूर्व-लेखन: विषय चयन और विचार-मंथन। 2. प्रारूपण: कच्चा मसौदा तैयार करना। 3. संपादन: वर्तनी और व्याकरण की अशुद्धियों को सुधारना। 4. अंतिम रूप: परिष्कृत लेखन।1. पूर्व-लेखन: विषय चयन और विचार-मंथन। 2. प्रारूपण: कच्चा मसौदा तैयार करना। 3. संपादन: वर्तनी और व्याकरण की अशुद्धियों को सुधारना। 4. अंतिम रूप: परिष्कृत लेखन।

वर्तनी और वाक्य विन्यासवर्तनी और वाक्य विन्यास

लेखन में वर्तनी की शुद्धता अनिवार्य है। उदाहरण: 'अतिश्योक्ति' गलत है, 'अतिशयोक्ति' सही है। वाक्य विन्यास में कर्ता-कर्म-क्रिया का क्रम सामान्यतः पालन किया जाता है।लेखन में वर्तनी की शुद्धता अनिवार्य है। उदाहरण: 'अतिश्योक्ति' गलत है, 'अतिशयोक्ति' सही है। वाक्य विन्यास में कर्ता-कर्म-क्रिया का क्रम सामान्यतः पालन किया जाता है।

विराम चिह्नों का महत्वविराम चिह्नों का महत्व

विराम चिह्न अर्थ को स्पष्ट करते हैं। 'रोको मत जाने दो' और 'रोको, मत जाने दो' में अर्थ का अंतर विराम चिह्न के कारण ही है।विराम चिह्न अर्थ को स्पष्ट करते हैं। 'रोको मत जाने दो' और 'रोको, मत जाने दो' में अर्थ का अंतर विराम चिह्न के कारण ही है।

संक्षेपण (Summarization)संक्षेपण (Summarization)

किसी बड़े गद्यांश को उसके मूल भाव को बनाए रखते हुए एक-तिहाई शब्दों में लिखना संक्षेपण कहलाता है। इसमें मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।किसी बड़े गद्यांश को उसके मूल भाव को बनाए रखते हुए एक-तिहाई शब्दों में लिखना संक्षेपण कहलाता है। इसमें मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

पल्लवन (Expansion)पल्लवन (Expansion)

किसी सूक्ति या विचार को विस्तार देकर लिखना पल्लवन कहलाता है। इसमें विचारों की स्पष्टता और तार्किकता आवश्यक है।किसी सूक्ति या विचार को विस्तार देकर लिखना पल्लवन कहलाता है। इसमें विचारों की स्पष्टता और तार्किकता आवश्यक है।

कार्यालयी लेखन के प्रकारकार्यालयी लेखन के प्रकार

1. शासकीय पत्र, 2. अर्ध-शासकीय पत्र, 3. परिपत्र, 4. कार्यालय आदेश, 5. अधिसूचना। ये औपचारिक भाषा में लिखे जाते हैं।1. शासकीय पत्र, 2. अर्ध-शासकीय पत्र, 3. परिपत्र, 4. कार्यालय आदेश, 5. अधिसूचना। ये औपचारिक भाषा में लिखे जाते हैं।

लेखन में सामान्य अशुद्धियाँलेखन में सामान्य अशुद्धियाँ

अशुद्ध -> शुद्ध: कवयित्री -> कवयित्री, उज्ज्वल -> उज्ज्वल, आशीर्वाद -> आशीर्वाद, गृहीत -> गृहीत।अशुद्ध -> शुद्ध: कवयित्री -> कवयित्री, उज्ज्वल -> उज्ज्वल, आशीर्वाद -> आशीर्वाद, गृहीत -> गृहीत।

लेखन के लिए टिप्स और ट्रिक्सलेखन के लिए टिप्स और ट्रिक्स

1. छोटे और स्पष्ट वाक्यों का प्रयोग करें। 2. पुनरावृत्ति से बचें। 3. तत्सम शब्दों का प्रयोग संदर्भ के अनुसार करें। 4. 'योजक चिह्नों' का सही प्रयोग करें। 5. हमेशा विषय के अनुकूल शब्दावली का चयन करें।1. छोटे और स्पष्ट वाक्यों का प्रयोग करें। 2. पुनरावृत्ति से बचें। 3. तत्सम शब्दों का प्रयोग संदर्भ के अनुसार करें। 4. 'योजक चिह्नों' का सही प्रयोग करें। 5. हमेशा विषय के अनुकूल शब्दावली का चयन करें।