लिंग लिंग

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए लिंग की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए लिंग की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

लिंग: माइंडमैपलिंग: माइंडमैप

mindmap root((लिंग)) पुल्लिंग प्राणीवाचक अकारांत शब्द धातुएं स्त्रीलिंग नदी/भाषाएं ईकारांत शब्द तिथियां
mindmap root((लिंग)) पुल्लिंग प्राणीवाचक अकारांत शब्द धातुएं स्त्रीलिंग नदी/भाषाएं ईकारांत शब्द तिथियां

लिंग: त्वरित पुनरीक्षण तालिकालिंग: त्वरित पुनरीक्षण तालिका

श्रेणीपुल्लिंगस्त्रीलिंग
नदीसिंधु, ब्रह्मपुत्र, सोनगंगा, यमुना, सरस्वती
भाषा-हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत
धातुसोना, तांबा, लोहाचांदी
अनाजगेहूं, चावल, चनाज्वार, मक्का

लिंग की परिभाषा

लिंग की परिभाषा

संज्ञा के जिस रूप से यह पता चले कि वह पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का, उसे लिंग कहते हैं।संज्ञा के जिस रूप से यह पता चले कि वह पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का, उसे लिंग कहते हैं।

हिन्दी में लिंग के दो भेद हैं: पुल्लिंग और स्त्रीलिंग।हिन्दी में लिंग के दो भेद हैं: पुल्लिंग और स्त्रीलिंग।

पुल्लिंग की पहचान के नियम

पुल्लिंग की पहचान के नियम

अकारांत शब्द प्रायः पुल्लिंग होते हैं, जैसे: राम, आम, बालक, घर। पर्वतों के नाम (हिमालय, विंध्याचल) और देशों के नाम (भारत, जापान) पुल्लिंग होते हैं।अकारांत शब्द प्रायः पुल्लिंग होते हैं, जैसे: राम, आम, बालक, घर। पर्वतों के नाम (हिमालय, विंध्याचल) और देशों के नाम (भारत, जापान) पुल्लिंग होते हैं।

स्त्रीलिंग की पहचान के नियम

स्त्रीलिंग की पहचान के नियम

जिन शब्दों के अंत में 'ई', 'आवट', 'आहट', 'ता' हो, वे स्त्रीलिंग होते हैं। उदाहरण: नदी, लिखावट, घबराहट, सुंदरता।जिन शब्दों के अंत में 'ई', 'आवट', 'आहट', 'ता' हो, वे स्त्रीलिंग होते हैं। उदाहरण: नदी, लिखावट, घबराहट, सुंदरता।

महत्वपूर्ण उदाहरण (पुल्लिंग)

महत्वपूर्ण उदाहरण (पुल्लिंग)

दिन (सोमवार), महीने (चैत्र), ग्रह (मंगल), रत्न (हीरा), वृक्ष (पीपल, बरगद), शरीर के अंग (हाथ, पैर, मस्तक)।दिन (सोमवार), महीने (चैत्र), ग्रह (मंगल), रत्न (हीरा), वृक्ष (पीपल, बरगद), शरीर के अंग (हाथ, पैर, मस्तक)।

महत्वपूर्ण उदाहरण (स्त्रीलिंग)

महत्वपूर्ण उदाहरण (स्त्रीलिंग)

नदियाँ (गंगा, यमुना), तिथियाँ (प्रथमा, द्वितीया), नक्षत्र (रोहिणी, अश्विनी), बोलियाँ (ब्रज, अवधी)।नदियाँ (गंगा, यमुना), तिथियाँ (प्रथमा, द्वितीया), नक्षत्र (रोहिणी, अश्विनी), बोलियाँ (ब्रज, अवधी)।

अपवाद एवं विशेष नियम

अपवाद एवं विशेष नियम

कुछ शब्द सदैव पुल्लिंग होते हैं: खटमल, चीता, भेड़िया। कुछ शब्द सदैव स्त्रीलिंग होते हैं: मक्खी, कोयल, मैना।कुछ शब्द सदैव पुल्लिंग होते हैं: खटमल, चीता, भेड़िया। कुछ शब्द सदैव स्त्रीलिंग होते हैं: मक्खी, कोयल, मैना।

लिंग परिवर्तन के नियम

लिंग परिवर्तन के नियम

'अ' को 'आ' में बदलकर: छात्र -> छात्रा, शिष्य -> शिष्या। 'आ' को 'ई' में बदलकर: बेटा -> बेटी, लड़का -> लड़की।'अ' को 'आ' में बदलकर: छात्र -> छात्रा, शिष्य -> शिष्या। 'आ' को 'ई' में बदलकर: बेटा -> बेटी, लड़का -> लड़की।

अन्य प्रत्यय द्वारा परिवर्तन

अन्य प्रत्यय द्वारा परिवर्तन

'इन' जोड़कर: धोबी -> धोबिन, माली -> मालिन। 'आनी' जोड़कर: जेठ -> जेठानी, देवर -> देवरानी।'इन' जोड़कर: धोबी -> धोबिन, माली -> मालिन। 'आनी' जोड़कर: जेठ -> जेठानी, देवर -> देवरानी।

परीक्षा हेतु टिप्स और ट्रिक्स

परीक्षा हेतु टिप्स और ट्रिक्स

1. क्रिया लगाकर देखें: 'है' या 'हैं' के साथ वाक्य प्रयोग करें। 2. विशेषण का प्रयोग करें: 'अच्छा' (पुल्लिंग) या 'अच्छी' (स्त्रीलिंग) लगाकर देखें। 3. 'मेरा' और 'मेरी' का प्रयोग करें: 'मेरी पुस्तक' (स्त्रीलिंग), 'मेरा पेन' (पुल्लिंग)।1. क्रिया लगाकर देखें: 'है' या 'हैं' के साथ वाक्य प्रयोग करें। 2. विशेषण का प्रयोग करें: 'अच्छा' (पुल्लिंग) या 'अच्छी' (स्त्रीलिंग) लगाकर देखें। 3. 'मेरा' और 'मेरी' का प्रयोग करें: 'मेरी पुस्तक' (स्त्रीलिंग), 'मेरा पेन' (पुल्लिंग)।