अव्यय अव्यय

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए अव्यय की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए अव्यय की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

अव्यय: माइंडमैपअव्यय: माइंडमैप

mindmap root((अव्यय)) क्रियाविशेषण कालवाचक स्थानवाचक परिमाणवाचक रीतिवाचक सम्बन्धबोधक समुच्चयबोधक विस्मयादिबोधक निपात
mindmap root((अव्यय)) क्रियाविशेषण कालवाचक स्थानवाचक परिमाणवाचक रीतिवाचक सम्बन्धबोधक समुच्चयबोधक विस्मयादिबोधक निपात

अव्यय के भेद: तुलनात्मक तालिकाअव्यय के भेद: तुलनात्मक तालिका

प्रकारपरिभाषाउदाहरण
क्रियाविशेषणक्रिया की विशेषताआज, यहाँ, बहुत, धीरे
सम्बन्धबोधकसंज्ञा/सर्वनाम से सम्बन्धके पास, के ऊपर, बिना
समुच्चयबोधकशब्दों/वाक्यों को जोड़नाऔर, किन्तु, परन्तु, या
विस्मयादिबोधकमनोभाव प्रकट करनावाह!, अरे!, हाय!
निपातबल देने हेतुही, भी, तो, मात्र

अव्यय की परिभाषाअव्यय की परिभाषा

अव्यय का शाब्दिक अर्थ है 'जो व्यय न हो'। वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक या काल के कारण कोई परिवर्तन नहीं आता, उन्हें अव्यय (अविकारी शब्द) कहते हैं।अव्यय का शाब्दिक अर्थ है 'जो व्यय न हो'। वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक या काल के कारण कोई परिवर्तन नहीं आता, उन्हें अव्यय (अविकारी शब्द) कहते हैं।

उदाहरण: 'आज' शब्द का प्रयोग किसी भी लिंग या वचन के साथ करने पर 'आज' ही रहेगा।उदाहरण: 'आज' शब्द का प्रयोग किसी भी लिंग या वचन के साथ करने पर 'आज' ही रहेगा।

1. क्रियाविशेषण अव्यय1. क्रियाविशेषण अव्यय

जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं। इनके चार मुख्य भेद हैं:जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं। इनके चार मुख्य भेद हैं:

  • कालवाचक: आज, कल, अब, जब, सदैव।कालवाचक: आज, कल, अब, जब, सदैव।
  • स्थानवाचक: यहाँ, वहाँ, भीतर, बाहर, पास।स्थानवाचक: यहाँ, वहाँ, भीतर, बाहर, पास।
  • परिमाणवाचक: बहुत, कम, थोड़ा, पर्याप्त।परिमाणवाचक: बहुत, कम, थोड़ा, पर्याप्त।
  • रीतिवाचक: धीरे, तेज, अचानक, ध्यानपूर्वक।रीतिवाचक: धीरे, तेज, अचानक, ध्यानपूर्वक।

2. सम्बन्धबोधक अव्यय2. सम्बन्धबोधक अव्यय

ये शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बाद जुड़कर उनका सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों से बताते हैं।ये शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बाद जुड़कर उनका सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों से बताते हैं।

उदाहरण: के आगे, के पीछे, के बिना, के समान, के कारण, के मारे, के संग।उदाहरण: के आगे, के पीछे, के बिना, के समान, के कारण, के मारे, के संग।

3. समुच्चयबोधक अव्यय3. समुच्चयबोधक अव्यय

दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़ने वाले शब्द। इन्हें योजक भी कहते हैं।दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़ने वाले शब्द। इन्हें योजक भी कहते हैं।

  • समानाधिकरण: और, तथा, किन्तु, परन्तु, या, अथवा।समानाधिकरण: और, तथा, किन्तु, परन्तु, या, अथवा।
  • व्याधिकरण: क्योंकि, इसलिए, ताकि, यदि-तो।व्याधिकरण: क्योंकि, इसलिए, ताकि, यदि-तो।

4. विस्मयादिबोधक अव्यय4. विस्मयादिबोधक अव्यय

हर्ष, शोक, आश्चर्य, घृणा आदि मनोभावों को व्यक्त करने वाले शब्द।हर्ष, शोक, आश्चर्य, घृणा आदि मनोभावों को व्यक्त करने वाले शब्द।

उदाहरण: वाह!, अरे!, हाय!, छी!, सावधान!, शाबाश!उदाहरण: वाह!, अरे!, हाय!, छी!, सावधान!, शाबाश!

5. निपात5. निपात

किसी शब्द के साथ लगकर उसके अर्थ में विशेष बल प्रदान करने वाले अव्यय।किसी शब्द के साथ लगकर उसके अर्थ में विशेष बल प्रदान करने वाले अव्यय।

प्रमुख निपात: ही, भी, तो, तक, मात्र, भर, केवल।प्रमुख निपात: ही, भी, तो, तक, मात्र, भर, केवल।

उदाहरण: मुझे 'ही' जाना है। (यहाँ 'ही' बल दे रहा है)उदाहरण: मुझे 'ही' जाना है। (यहाँ 'ही' बल दे रहा है)

अव्यय पहचान हेतु ट्रिक्सअव्यय पहचान हेतु ट्रिक्स

1. वाक्य का लिंग बदलकर देखें: यदि शब्द नहीं बदलता, तो वह अव्यय है।1. वाक्य का लिंग बदलकर देखें: यदि शब्द नहीं बदलता, तो वह अव्यय है।

2. 'क्रियाविशेषण' पहचानने के लिए 'कैसे', 'कब', 'कहाँ' और 'कितना' प्रश्न पूछें।2. 'क्रियाविशेषण' पहचानने के लिए 'कैसे', 'कब', 'कहाँ' और 'कितना' प्रश्न पूछें।

3. 'निपात' को हटाकर वाक्य पढ़ें, यदि अर्थ में 'विशेष बल' कम हो जाए, तो वह निपात है।3. 'निपात' को हटाकर वाक्य पढ़ें, यदि अर्थ में 'विशेष बल' कम हो जाए, तो वह निपात है।