UPSSSC लोअर मेन्स के लिए अव्यय की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए अव्यय की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| क्रियाविशेषण | क्रिया की विशेषता | आज, यहाँ, बहुत, धीरे |
| सम्बन्धबोधक | संज्ञा/सर्वनाम से सम्बन्ध | के पास, के ऊपर, बिना |
| समुच्चयबोधक | शब्दों/वाक्यों को जोड़ना | और, किन्तु, परन्तु, या |
| विस्मयादिबोधक | मनोभाव प्रकट करना | वाह!, अरे!, हाय! |
| निपात | बल देने हेतु | ही, भी, तो, मात्र |
अव्यय का शाब्दिक अर्थ है 'जो व्यय न हो'। वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक या काल के कारण कोई परिवर्तन नहीं आता, उन्हें अव्यय (अविकारी शब्द) कहते हैं।अव्यय का शाब्दिक अर्थ है 'जो व्यय न हो'। वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक या काल के कारण कोई परिवर्तन नहीं आता, उन्हें अव्यय (अविकारी शब्द) कहते हैं।
जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं। इनके चार मुख्य भेद हैं:जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं। इनके चार मुख्य भेद हैं:
ये शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बाद जुड़कर उनका सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों से बताते हैं।ये शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बाद जुड़कर उनका सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों से बताते हैं।
दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़ने वाले शब्द। इन्हें योजक भी कहते हैं।दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़ने वाले शब्द। इन्हें योजक भी कहते हैं।
हर्ष, शोक, आश्चर्य, घृणा आदि मनोभावों को व्यक्त करने वाले शब्द।हर्ष, शोक, आश्चर्य, घृणा आदि मनोभावों को व्यक्त करने वाले शब्द।
किसी शब्द के साथ लगकर उसके अर्थ में विशेष बल प्रदान करने वाले अव्यय।किसी शब्द के साथ लगकर उसके अर्थ में विशेष बल प्रदान करने वाले अव्यय।
उदाहरण: मुझे 'ही' जाना है। (यहाँ 'ही' बल दे रहा है)उदाहरण: मुझे 'ही' जाना है। (यहाँ 'ही' बल दे रहा है)
1. वाक्य का लिंग बदलकर देखें: यदि शब्द नहीं बदलता, तो वह अव्यय है।1. वाक्य का लिंग बदलकर देखें: यदि शब्द नहीं बदलता, तो वह अव्यय है।
2. 'क्रियाविशेषण' पहचानने के लिए 'कैसे', 'कब', 'कहाँ' और 'कितना' प्रश्न पूछें।2. 'क्रियाविशेषण' पहचानने के लिए 'कैसे', 'कब', 'कहाँ' और 'कितना' प्रश्न पूछें।
3. 'निपात' को हटाकर वाक्य पढ़ें, यदि अर्थ में 'विशेष बल' कम हो जाए, तो वह निपात है।3. 'निपात' को हटाकर वाक्य पढ़ें, यदि अर्थ में 'विशेष बल' कम हो जाए, तो वह निपात है।
उस वाक्य की पहचान कीजिए जहाँ 'के बिना' का प्रयोग असंगत है:
✔ सही उत्तर: C
विकल्प C में, 'बिना' क्रियाविशेषण के रूप में 'सोचे समझे' को संशोधित कर रहा है। जब यह सीधे किसी क्रिया या क्रियाविशेषण वाक्यांश से पहले आता है तो इसे 'के' की आवश्यकता नहीं होती। 'के बिना' एक संबंधबोधक अव्यय है जिसका प्रयोग संज्ञा या सर्वनाम के साथ अनुपस्थिति या कमी दर्शाने के लिए किया जाता है।
निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'रीतिवाचक क्रियाविशेषण' का प्रयोग हुआ है?
✔ सही उत्तर: B
विकल्प B में, 'धीरे-धीरे' बताता है कि गाड़ी *कैसे* चलती है, यह क्रिया के ढंग को इंगित करता है। अतः, यह रीतिवाचक क्रियाविशेषण है। 'कल' कालवाचक है, 'यहाँ' स्थानवाचक है, और 'बहुत' परिमाणवाचक है।
वाक्य में रेखांकित शब्द 'अभी' का अव्यय भेद पहचानिए: 'वह *अभी* तक घर नहीं पहुँचा।'
✔ सही उत्तर: B
शब्द 'अभी' क्रिया के समय को इंगित करता है (अभी तक नहीं पहुँचा)। अतः, यह 'कालवाचक क्रियाविशेषण' है।
निम्नलिखित में से कौन सा 'समुच्चयबोधक अव्यय' का उदाहरण है?
✔ सही उत्तर: B
'किंतु' एक समुच्चयबोधक अव्यय है जो दो उपवाक्यों या वाक्यों को जोड़ता है। 'धीरे-धीरे' एक रीतिवाचक क्रियाविशेषण है, 'ऊपर' स्थानवाचक क्रियाविशेषण या संबंधबोधक का हिस्सा हो सकता है, और 'अरे!' एक विस्मयादिबोधक अव्यय है।
किस वाक्य में 'भी' का प्रयोग 'निपात' के रूप में हुआ है?
✔ सही उत्तर: A
विकल्प A और D दोनों में 'भी' का प्रयोग निपात के रूप में हुआ है, जो समावेशन पर जोर देता है ('तुम भी', 'मुझे भी')। 'भीग गया' एक क्रिया है, और 'भीड़' एक संज्ञा है। यदि एक ही विकल्प चुनना है, तो 'तुम भी मेरे साथ चलो' में 'भी' का प्रयोग 'तुम भी' (also) मेरे साथ पर स्पष्ट जोर देता है। 'उसने मुझे भी बताया' भी सही है, लेकिन A में विषय पर निपात का सीधा प्रभाव है।
अव्यय का कौन सा युग्म 'व्यधिकरण समुच्चयबोधक' का है?
✔ सही उत्तर: D
'यद्यपि, तथापि' व्यधिकरण समुच्चयबोधक हैं जिनका उपयोग एक आश्रित उपवाक्य को एक प्रधान उपवाक्य से जोड़ने के लिए किया जाता है, आमतौर पर रियायत या विरोध दर्शाने के लिए। अन्य युग्म समानाधिकरण समुच्चयबोधक हैं।
उस वाक्य को पहचानिए जहाँ 'ऊपर' शब्द का प्रयोग 'संबंधबोधक अव्यय' के रूप में हुआ है।
✔ सही उत्तर: B
विकल्प B में, 'ऊपर' का प्रयोग 'के' (विभक्ति) के साथ 'किताब' और 'मेज' के बीच संबंध दर्शाने के लिए हुआ है, इस प्रकार यह संबंधबोधक अव्यय के रूप में कार्य कर रहा है। अन्य विकल्पों में, 'ऊपर' क्रिया के स्थान को इंगित करते हुए स्थानवाचक क्रियाविशेषण के रूप में कार्य करता है।
निम्नलिखित में से किस वाक्य में पश्चाताप व्यक्त करने के लिए 'विस्मयादिबोधक अव्यय' का सही प्रयोग हुआ है?
✔ सही उत्तर: C
'हाय!' का प्रयोग दुःख, पश्चाताप या पीड़ा व्यक्त करने के लिए किया जाता है। विकल्प C में, यह किसी कार्य के लिए पश्चाताप को उचित रूप से व्यक्त करता है। 'वाह!' खुशी/प्रशंसा व्यक्त करता है, 'अरे!' आश्चर्य व्यक्त करता है, और 'शाबाश!' प्रशंसा व्यक्त करता है।
वाक्य पर विचार करें: 'वह *शायद* कल आएगा।' 'शायद' किस प्रकार का 'क्रियाविशेषण' है?
✔ सही उत्तर: B
यद्यपि 'संभाव्यवाचक' (संभावना) कभी-कभी पढ़ाया जाने वाला एक उप-वर्ग है, 'क्रियाविशेषण' के प्राथमिक वर्गीकरण में, 'शायद', 'संभवतः', 'अवश्य' जैसे शब्द 'रीतिवाचक क्रियाविशेषण' के अंतर्गत आते हैं क्योंकि वे क्रिया के ढंग या निश्चितता/अनिश्चितता का वर्णन करते हैं। वे उत्तर देते हैं कि क्रिया कैसे की जाती है या उसकी संभावना क्या है।
मात्रा पर जोर देने के लिए 'निपात' का सही प्रयोग किस वाक्य में किया गया है?
✔ सही उत्तर: C
'केवल' एक निपात है जो विशेष रूप से सीमित मात्रा या संख्या पर जोर देता है। 'तो' और 'ही' कर्ता/क्रिया/कथन पर जोर देते हैं। 'तक' समय/सीमा की अवधि पर जोर देता है। अतः, 'केवल' मात्रा पर जोर देने के लिए सबसे उपयुक्त है।
'अव्यय' के संबंध में असत्य कथन पहचानिए।
✔ सही उत्तर: C
विकल्प C गलत है। संबंधबोधक अव्यय संज्ञा या सर्वनाम का संबंध वाक्य के अन्य शब्दों (अक्सर दूसरी संज्ञा/सर्वनाम) से स्थापित करते हैं, न कि अनिवार्य रूप से क्रिया से। वे अंग्रेजी में पूर्वसर्गों की तरह कार्य करते हैं, एक संज्ञा/सर्वनाम को वाक्य के दूसरे भाग से जोड़ते हैं।
निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'परिमाणवाचक क्रियाविशेषण' है?
✔ सही उत्तर: B
विकल्प B में, 'खूब' (बहुत) क्रिया 'हँस रहे थे' की मात्रा या हद को इंगित करता है। अतः, यह परिमाणवाचक क्रियाविशेषण है। 'तेज' रीतिवाचक है, 'आज' कालवाचक है, और 'ऊपर' स्थानवाचक है।
उचित 'संबंधबोधक अव्यय' से रिक्त स्थान भरिए: 'सूर्य ______________ जीवन संभव नहीं है।'
✔ सही उत्तर: C
यहाँ सबसे उपयुक्त संबंधबोधक अव्यय 'के बिना' है, क्योंकि यह अर्थ व्यक्त करता है कि सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द संदर्भ के अनुसार 'क्रियाविशेषण' और 'संबंधबोधक अव्यय' दोनों के रूप में कार्य कर सकता है?
✔ सही उत्तर: A
'अंदर' एक 'स्थानवाचक क्रियाविशेषण' हो सकता है (जैसे, 'वह अंदर गया') या 'के' के साथ प्रयोग होने पर 'संबंधबोधक अव्यय' (जैसे, 'घर के अंदर')। 'और' आमतौर पर समुच्चयबोधक है, 'किंतु' समुच्चयबोधक है, और 'वाह!' विस्मयादिबोधक है।
उस 'समुच्चयबोधक अव्यय' को पहचानिए जो परिणाम या फल को इंगित करता है।
✔ सही उत्तर: C
'इसलिए' एक समानाधिकरण समुच्चयबोधक है जो दो उपवाक्यों को जोड़ता है जहाँ दूसरा उपवाक्य पहले का परिणाम या फल बताता है। 'परंतु' विरोध दिखाता है, 'क्योंकि' कारण बताता है, और 'मानो' तुलना/रीति बताता है।
किस वाक्य में एक 'क्रियाविशेषण' दूसरे 'क्रियाविशेषण' को संशोधित कर रहा है?
✔ सही उत्तर: B
विकल्प B में, 'तेज' क्रिया 'दौड़ता है' को संशोधित करने वाला रीतिवाचक क्रियाविशेषण है। 'बहुत' परिमाणवाचक क्रियाविशेषण है जो 'तेज' (कितना तेज) को संशोधित कर रहा है। अतः, 'बहुत' दूसरे क्रियाविशेषण 'तेज' को संशोधित करता है। A में, 'बहुत' विशेषण 'सुंदर' को संशोधित करता है।
उस वाक्य को पहचानिए जहाँ 'तो' का प्रयोग 'निपात' के रूप में नहीं हुआ है।
✔ सही उत्तर: A
विकल्प A में, 'तो' का प्रयोग 'व्यधिकरण समुच्चयबोधक' के रूप में हुआ है जो एक शर्त (यदि...तो) को दर्शाता है। यह दो उपवाक्यों को जोड़ता है। अन्य विकल्पों में, 'तो' निपात के रूप में कार्य कर रहा है, जो पूर्ववर्ती शब्द या विचार पर जोर देता है।
निम्नलिखित में से कौन सा 'स्थानवाचक क्रियाविशेषण' का उदाहरण है?
✔ सही उत्तर: B
'सामने' स्थान को इंगित करता है, अतः यह एक 'स्थानवाचक क्रियाविशेषण' है। 'आज' कालवाचक है, 'बहुत' परिमाणवाचक है, और 'जल्दी' रीतिवाचक है।
तुलना या समानता व्यक्त करने के लिए किस 'संबंधबोधक अव्यय' का प्रयोग किया जाता है?
✔ सही उत्तर: B
'के समान' का प्रयोग तुलना या समानता व्यक्त करने के लिए किया जाता है। 'के ऊपर' स्थिति बताता है, 'के बाद' समय (पश्चात) बताता है, और 'के लिए' उद्देश्य बताता है।
वाक्य में 'समुच्चयबोधक अव्यय' का प्रकार पहचानिए: 'उसने कठिन परिश्रम किया *ताकि* वह सफल हो सके।'
✔ सही उत्तर: B
'ताकि' (so that) एक आश्रित उपवाक्य (उद्देश्य/परिणाम) को प्रस्तुत करता है और उसे प्रधान उपवाक्य से जोड़ता है। अतः, यह एक 'व्यधिकरण समुच्चयबोधक' है।
निम्नलिखित में से किस वाक्य में अत्यधिक घृणा व्यक्त करने के लिए अव्यय का सही प्रयोग हुआ है?
✔ सही उत्तर: C
'छी!' एक विस्मयादिबोधक अव्यय है जिसका उपयोग विशेष रूप से घृणा या तिरस्कार व्यक्त करने के लिए किया जाता है। 'वाह!' खुशी/प्रशंसा व्यक्त करता है, 'अहा!' खुशी व्यक्त करता है, और 'काश!' इच्छा/आशा व्यक्त करता है।
निम्नलिखित में से कौन सा 'अव्यय' 'मात्र' या 'केवल' का अर्थ रखता है, जो एक सीमा या प्रतिबंध पर जोर देता है?
✔ सही उत्तर: C
'भर' एक निपात के रूप में किसी चीज़ की संपूर्णता या सीमा पर जोर देता है (जैसे, 'दिन भर', 'पेट भर', 'जीवन भर')। 'केवल' और 'मात्र' 'केवल' के लिए अधिक प्रत्यक्ष हैं। 'भर' सीमा या हद तक पर जोर देता है, जैसे 'पूरा दिन भर' (पूरा दिन), 'सिर्फ दो रुपये भर' (केवल दो रुपये)। दिए गए विकल्पों में, 'भर' मात्रा या सीमा में प्रतिबंध या हद को इंगित करने के सबसे करीब है, जैसे कुछ संदर्भों में 'मात्र' या 'केवल'।
वाक्य 'वह *अचानक* बीमार पड़ गया।' में 'अचानक' किस प्रकार का 'क्रियाविशेषण' है?
✔ सही उत्तर: C
'अचानक' (suddenly) उस ढंग या शैली का वर्णन करता है जिसमें बीमार पड़ने की क्रिया हुई। अतः, यह एक 'रीतिवाचक क्रियाविशेषण' है।
दो विरोधाभासी कथनों को जोड़ने के लिए सही 'समुच्चयबोधक अव्यय' चुनिए: 'वह बुद्धिमान है ______________ मेहनती नहीं।'
✔ सही उत्तर: C
'किंतु' एक समानाधिकरण समुच्चयबोधक है जिसका उपयोग दो ऐसे उपवाक्यों को जोड़ने के लिए किया जाता है जो विरोधाभासी विचारों को व्यक्त करते हैं। 'और' जानकारी जोड़ता है, 'इसलिए' परिणाम दिखाता है, और 'या' विकल्प दिखाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा 'क्रियाविशेषण अव्यय' का प्रकार नहीं है?
✔ सही उत्तर: B
'संबंधबोधक' अव्यय की एक अलग श्रेणी है, जो 'क्रियाविशेषण अव्यय' से भिन्न है। कालवाचक, स्थानवाचक, रीतिवाचक और परिमाणवाचक क्रियाविशेषण अव्यय के चार मुख्य प्रकार हैं।
वाक्य 'मेरे *सामने* वाला घर बहुत बड़ा है।' में 'सामने' का अव्यय भेद पहचानिए।
✔ सही उत्तर: B
यहाँ, 'सामने' का प्रयोग एक संबंधवाचक सर्वनाम 'मेरे' (अनौपचारिक रूप से 'के सामने' का अर्थ) के साथ 'मेरे' और 'घर' के बीच संबंध दिखाने के लिए किया गया है। यह एक संबंधबोधक अव्यय के रूप में कार्य करता है जो दो संज्ञाओं/सर्वनामों को जोड़ता है।
प्रशंसा या अनुमोदन की प्रबल भावना व्यक्त करने के लिए कौन सा 'विस्मयादिबोधक अव्यय' उपयुक्त है?
✔ सही उत्तर: C
'वाह!' का प्रयोग मुख्य रूप से प्रशंसा, आनंद या वाहवाही व्यक्त करने के लिए किया जाता है। 'अरे!' आश्चर्य के लिए, 'हाय!' दुःख के लिए, और 'धिक्!' निंदा/धिक्कार के लिए।
उस वाक्य का चयन कीजिए जहाँ 'मात्र' का प्रयोग 'निपात' के रूप में हुआ है।
✔ सही उत्तर: D
दिए गए सभी वाक्यों में, 'मात्र' का प्रयोग सीमित मात्रा या हद पर जोर देने के लिए किया गया है, जो निपात के रूप में कार्य कर रहा है। यह पूर्ववर्ती शब्द या वाक्यांश में 'केवल' या 'बस' का एक विशिष्ट अर्थ जोड़ता है।
वाक्य 'वह *परसों* घर जाएगा।' में 'कालवाचक क्रियाविशेषण' पहचानिए।
✔ सही उत्तर: B
'परसों' (आने वाला या बीता हुआ परसों) क्रिया 'जाएगा' के समय को निर्दिष्ट करता है। अतः, यह एक 'कालवाचक क्रियाविशेषण' है।
निम्नलिखित में से कौन सा 'समुच्चयबोधक अव्यय' किसी उद्देश्य या लक्ष्य को इंगित करता है?
✔ सही उत्तर: C
'ताकि' (ताकि/जिससे) एक 'व्यधिकरण समुच्चयबोधक' है जिसका उपयोग एक ऐसे उपवाक्य को प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है जो मुख्य क्रिया के उद्देश्य या लक्ष्य को बताता है। 'यदि' शर्त बताता है, 'इसलिए' परिणाम बताता है, और 'यद्यपि' रियायत बताता है।
निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'निपात' का प्रयोग हुआ है?
✔ सही उत्तर: B
यहाँ 'भी' एक निपात है, जो वाक्य में बल प्रदान करने के लिए प्रयुक्त हुआ है।
'परंतु' शब्द में अव्यय का प्रकार बताइए।
✔ सही उत्तर: B
'परंतु' एक व्यतिरेकवाचक समुच्चयबोधक अव्यय है, जो दो वाक्यों को जोड़ने का कार्य करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा 'अव्यय' नहीं है?
✔ सही उत्तर: C
'सुंदर' एक विशेषण है जो लिंग, वचन के अनुसार बदल सकता है, अतः यह अव्यय नहीं है।
'अरे' किस प्रकार का अव्यय है?
✔ सही उत्तर: B
'अरे' से आश्चर्य का बोध होता है, अतः यह विस्मयादिबोधक अव्यय है।
'वह धीरे-धीरे चलता है' वाक्य में क्रियाविशेषण पहचानिए।
✔ सही उत्तर: B
'धीरे-धीरे' क्रिया की विशेषता (रीति) बता रहा है, इसलिए यह रीतिवाचक क्रियाविशेषण है।
इनमें से कौन-सा 'संबंधबोधक' अव्यय है?
✔ सही उत्तर: A
'निकट' दो शब्दों के बीच संबंध स्थापित करता है, अतः यह संबंधबोधक अव्यय है।
'प्रति' शब्द किस प्रकार का है?
✔ सही उत्तर: C
'प्रति' एक अविकारी शब्द है जो लिंग, वचन, काल के अनुसार परिवर्तित नहीं होता, अतः यह अव्यय है।
'वह भोजन करके उठा' वाक्य में 'करके' किस प्रकार का शब्द है?
✔ सही उत्तर: C
यहाँ 'करके' पूर्वकालिक क्रिया के साथ जुड़ा अव्यय है जो क्रिया की पूर्णता को दर्शाता है।
इनमें से कौन-सा 'समुच्चयबोधक' अव्यय है?
✔ सही उत्तर: A
'यद्यपि' एक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय है जो उपवाक्यों को जोड़ने का कार्य करता है।
हिंदी व्याकरण में अव्यय के मुख्य कितने भेद होते हैं?
✔ सही उत्तर: B
हिंदी व्याकरण में अव्यय के चार मुख्य भेद हैं: क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, और विस्मयादिबोधक।
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